गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

सिंधिया जी के नाम एक अप्रकाशित पत्र


सिंधिया जी के नाम एक अप्रकाशित पत्र
माननीय श्री ज्योतिरादित्य जी सिंधिया,
सादर अभिवादन,
 हाल ही में आपने अपने राजनीतिक जीवन की नई शुरुआत की है, निसंदेह यह निर्णय आपने ऐसे समय में लिया है जब आपके पास परिपक्व राजनीतिक अनुभव है। वर्तमान राजनीतिक स्थितियों में जब आम आदमी के मन में कांग्रेस की नीतियों के प्रति शंकाएं बढ़ती जा रही हैं तब आपका कांग्रे छोड़ना, कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है तो वहीं भाजपा के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। प्रदेश के अधिकांश लोग इस बात से आश्वस्त हैं कि आपके भाजपा में आने से, जैसा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी ने कहा है ‘प्रदेश में पहले से ही मजबूत भाजपा और मजबूत होगी’। वैसे आपका यह निर्णय निश्चित ही बहुत विचार मंथन के बाद सामने आया लगता है। यूं जिस दिन आपने अपने ट्विटर हैंडल से अपने नाम से ‘कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी’ का पद हटाकर ‘पब्लिक सर्वेंट’ जोड़ा था तब, जब आपने कश्मीर से धारा 370 हटाने के मोदी के निर्णय का समर्थन किया था तब, जब आपने सीएए का समर्थन किया था तब से ही लगने लगा था कि आपका कांग्रेस से मोहभंग होने लगा है। यह बात भले ही राजनीति के पंडित ना समझ पाए हों लेकिन आम जनता समझ चुकी थी।
  कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देने के बाद भाजपा की सदस्यता ग्रहण करते हुए जिन बातों का आपने जिक्र किया वे वाकई महत्वपूर्ण थीं। आपका यह कहना कि देश का भविष्य प्रधानमंत्री के हाथों में सुरक्षित है और मोदी के नेतृत्व में विश्व में देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है, केवल आपके मन की बात नहीं बल्कि देश के मन की बात है। आप उस परिवार के सदस्य हैं जिसकी राजमाता श्रीमती विजयाराजे सिंधिया जी ने भारतीय जनसंघ और भाजपा को समर्पित और निस्पृह भाव से पुष्पित पल्लवित किया है। भाजपा आपसे भी ऐसी ही आशा करेगी।
  अगर भाजपा की रीति नीति की बात करें तो यह बात स्पष्ट है कि उसका मूल मंत्र सबका साथ,सबका विकास और सबका विश्वास है। इस मूल मंत्र का निस्वार्थ भाव से क्रियान्वयन प्रधानमंत्री मोदी और सभी नेताओं की प्राथमिकता है। इसमें आपका साथ इसे आगे बढ़ाने में मदद करेगा। कौन नहीं जानता कि भाजपा आज भारत की एकमात्र ऐसी पार्टी है जहां आंतरिक लोकतंत्र है, जहां व्यक्ति से ज्यादा पार्टी और उसके सिद्धांतों को महत्व दिया जाता है। कोई यह नहीं कह सकता कि किसी व्यक्ति विशेष के लिए भाजपा ने सामान्य कार्यकर्ता की योग्यताओं और क्षमताओं को नजरअंदाज कर दिया हो। प्रधानमंत्री मोदी सहित अनेक ऐसे उदाहरण हैं जो यह बताते हैं कि इस पार्टी ने हर छोटे से छोटे कार्यकर्ता को बड़े से बड़ा पद दिया है। इस पार्टी ने क्षमतावान और कर्मठ व्यक्तियों को हमेशा तरजीह दी है। यहां बिना भेदभाव के क्षमतावान नेतृत्व को उचित स्थान बिना किसी पक्षपात के प्राप्त होता है। इसका एक उदाहरण असम के केबिनेट मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा हैं।
आप प्रदेश के कांग्रेस के एक लोकप्रिय नेता रहे हैं। आपका प्रभाव केवल मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि कई अन्य प्रांतों में भी है। अब इस लोकप्रियता का लाभ भाजपा को मिलेगा। प्रदेश में ग्वालियर और चंबल क्षेत्र के आपके समर्थक और क्षेत्रीय नेताओं की प्रतिक्रिया क्या होगी यह देखने वाली बात होगी। ये समर्थक और नेता आपके साथ रहकर निश्चित ही भाजपा में पद और महत्व की आकांक्षा रखेंगे तब आप और पार्टी इन्हें पहले से ही भाजपा के समर्पित कार्यकर्ताओं को महत्व देते हुए कैसे समायोजित करेंगे यह बहुत महत्वपूर्ण होगा। आप अपनी पूरी क्षमता और योग्यता से देश और प्रदेश की निस्वार्थ भाव से सेवा करेंगे ऐसी आशा है।
हार्दिक शुभकामनाएं
                          डॉ. हरिकृष्ण बड़ोदिया
                 131 / 2 एम बी नगर, रतलाम(म.प्र.) 457 001